जब जेब खाली हो तो अपनों के लहजे बदल जाते हैं,जो कल तक साथ थे, वो आज रस्ते बदल जाते हैं।घर की दहलीज़ पर अब सिर्फ ताने ही स्वागत करते हैं,पैसे की इस दुनिया में, रिश्तों के मायने बदल जाते हैं।

जब जेब खाली हो तो अपनों के लहजे बदल जाते हैं,
जो कल तक साथ थे, वो आज रस्ते बदल जाते हैं।
घर की दहलीज़ पर अब सिर्फ ताने ही स्वागत करते हैं,
पैसे की इस दुनिया में, रिश्तों के मायने बदल जाते हैं।